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Showing posts from February, 2018

सोशल मीडिया पर हमदर्दी भी जबरी वसूली जा रही है !

सोशल मीडिया पर हमदर्दी भी जबरी वसूली जा रही है ! सीरिया में बच्चों पर ज़ुल्म की जो तस्वीरें और वीडियो की बाढ़ सी आ गयी है उसमें netizens और WhatsAppians से हमदर्दी भी उलाहनों और तानों के साथ वसूली जा रही है - श्रीदेवी का गम मनाने वालों सीरिया के बच्चों की तरफ देखो या अगर आप का मन क्रिकेट से भर गया हो तो सीरिया के बच्चों की तरफ भी देखो ! आदि आदि ..................... सीरिया में हवाई हमलों बमबारी से जो बच्चे हालाक हुए ज़ख़्मी हुए या खौफ़जादा हुए उसको देखने उसके आकलन की बहुत ज़रुरत है और ग्राउंड रियलिटी भी देखने की ज़रुरत है कि वहां बाग़ी आतंकवादी इस्लामिस्ट ग्रुप वहाँ के नागरिकों को किस तरह बंधक बनाए हुए हैं उन्हें शील्ड बनाए हुए हैं और कैसे असली नकली फोटो और वीडियो पोस्ट करवा रहे हैं I और सिर्फ सीरिया नहीं पलेस्टाइन और म्यांमार में क्या हो रहा है , इराक में क्या हुआ , अफ्रीका और लैटिन अमेरिका में क्या हो रहा है , वियतनाम क्यूबा में क्या हुआ और और तो और हिरोशिमा नागासाकी में क्या हुआ सब कुछ सामने आना चाहिए और अन्तर्राष्ट्रीय अदालतों में अपराधियों को चाहे वे राष्ट्रपति हों या तानाशाह ...

शिया सुन्नी इत्तेहाद का भ्रम !

शिया सुन्नी इत्तेहाद का भ्रम ! शिया सुन्नी सिर्फ इंसान हैं आपस में भाई हैं जैसे कि दुनिया के सभी इंसान भाई हैं पर भ्रमित शिया हैं जो शिया सुन्नी इत्तेहाद की बात करते हैं और कल ईरान के राष्ट्रपति आये थे उन्होंने इत्तेहाद की बात की और जुमे की नमाज़ एक सुन्नी इमाम के पीछे पढ़ी और पहले कुछ भारत के शिया मौलवी ऐसी कोशिशें कर चुके हैं और अब ईरान की शह पर और ज़ोरदार कोशिशें करेंगी और फिर पूरा भारत जहां जहां शिया हैं - शिया सुन्नी दंगों का गढ़ बन जाएगा ! ज़ुल्म और दमन के रास्ते को इस्लाम को मानने वाले लोग ही ऐसा इत्तिहाद चाहते हैं और ईरान भी किसी तरह ज़ालिम सऊदी हुकूमत से कम नहीं है - औरतें जिनां का इलज़ाम लगा कर कत्ल की जा रही हैं और कुछ दिन पहले एक साइंटिस्ट को भी कत्ल किया गया और ख़ामोशी से ज़ुल्म और दमन का चक्र चल रहा है और शायद कई मौलवी भी जेलों में हैं I मुसलामानों को अहिंसा आजादी के रूप में इस्लाम को पहचानना होगा तभी दुनिया में अमन हो पायेगा और इसके लिए इस्लाम का सही इत्तिहास समझना होगा I अरब के कबायलियों और बद्दुओं को परलोक में दंड और इनाम बता कर सही रास्ते पर लाने की कोशिश की गयी ...

श्रीदेवी की अकाल दुःख:द मृत्यु और युद्ध ग्रस्त सीरिया के हिंसक चित्र एवं विडियो

श्रीदेवी की अकाल दुःख:द मृत्यु और युद्ध ग्रस्त सीरिया के हिंसक चित्र एवं विडियो श्रीदेवी की अकाल दुःख:द मृत्यु के परिप्रक्ष में   देश के शिक्षित वर्ग को यह उलाहना देना कि आप को श्रीदेवी की अकाल दुःख:द मृत्यु पर तो बहुत दुःख है और सीरिया में जो बच्चे हिंसा और बमबारी का शिकार हो रहे हैं उनसे कोई फ़र्क नहीं पड़ रहा है बहुत ही गलत शिकायत है और ऐसा कहने वालों के खोट को ही ज़ाहिर करता है ! सीरिया, पलेस्टाइन और म्यांमार में जो हिंसा हो रही है उस से हर एक को चिंता भी है और असहाय स्थिति भी है - इन स्थानों पर जो हिंसा का शिकार हैं वे स्वयं हिंसा और दमन के धर्म को मानते हैं और जहां भी अवसर मिलता है दूसरों को हिंसा और दमन का शिकार बनाते हैं I सीरिया में जो हो रहा है उसके लिए इजराइल ज़िम्मेदार नहीं है - वहाँ एक बगावत है हुकूमत के खिलाफ क्योंकि शासक शिया है और सुन्नी बागी ग्रुप - ISIS और मुस्लिम ब्रादरहुड को यह गवारा नहीं है ! बागी ग्रुप का साथ सऊदी हुकूमत और अमेरिका दे रहा है और शिया शासक का साथ ईरान और रूस दे रहा है I इसलिए मीडिया पर हिंसा के शिकार बच्चों के चित्रों और वीडियो की भर...

आज की दुनिया में धर्म का झंडा ले कर मत खड़े होइए- न्याय स्थापित कीजिये !

आज की दुनिया में धर्म का झंडा ले कर मत खड़े होइए- न्याय स्थापित कीजिये ! धर्म क्यों आये ? धर्म संस्थापक क्या चाहता था और उसके बाद उसके मानने वालों ने कैसे धर्म का दुरूपयोग किया इसको समझने की ज़रुरत है I 10000 वर्ष पूर्व कृषि के आरम्भ के साथ हमारी सभ्यता का उदय हुआ - फिर उद्योग धंधे शुरू हुए व्यापार शुरू हुए नगर बने और राज्य स्थापित किये गए - सब कुछ सब के लिए था लेकिन   धीरे धीरे राज्य, धर्म सत्ता और व्यापारी वर्ग एक साथ मिल गए और आम लोगों को छोटा और कमज़ोर बना दिया - उन्हें जातियों में बाँट दिया या धर्म के नाम पर लड़ा दिया - उस समय धर्म पुजारी वर्ग के हाथ में था - भारत में भी शैव और वैष्णव मत में लोगों को बाँट कर लड़ाया जाता रहा है I यह बात पूरी तरह समझ में आ जानी चाहिए कि आम लोगों को धनीवर्ग सत्ता वर्ग और धर्म के ठेकेदार लड़ाते रहे हैं I आज स्थिति सब से खराब है जनता द्वारा जनता के हित में चुने जाने वाले लोग जनता से गद्दारी कर के पूंजीपतियों उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाते हैं और जनता को मूर्ख बना रहे हैं I भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश में संघी और जमाती आम लोगों को कट्टर और उग्...