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आधुनिक युग में सत्य की लाचारी !

आधुनिक युग में सत्य की लाचारी ! आधुनिक युग में और विशेषकर हमारे भू-भाग - भारत , पाकिस्तान और बांग्लादेश में सत्य और वैज्ञानिक सत्य लाचार बना दिया गया है I मेरी यही प्रार्थना है पहले सत्य को स्वीकार करें फिर सही ढंग से धर्म और राजनीती में जाएँ I सत्य यह है कि कोई नहीं जानता ईश्वर है कि नहीं और इस जीवन के बाद कोई जीवन है कि नहीं - अब आप अपने सुकून के लिए चाहे नमाज़   , रोज़ा और हज करें या पूजा व्रत और तीर्थ करें और या कुछ भी ऐसा न करें I दूसरा सब से बड़ा वैज्ञानिक सत्य यह है कि यह दुनिया लगभग 13.8 अरब पूर्व अस्तित्व में आयी I सौर मंडल और पृथ्वी का जन्म 6 अरब वर्ष पूर्व हुआ था I धरती पर 3 लाख पूर्व के नारी कंकाल "लूसी" से हम सब जेनेटिक लिंक्ड हैं I आधुनिक मानव Homo sapiens   2 लाख पूर्व विकसित हुआ I 10000 वर्ष पूर्व से हमारी सभ्यता का विकास   आरम्भ हुआ I अब आप जातिवाद और साम्प्रदायिकता का त्याग करें और एक आधुनिक देश, राष्ट्र और दुनिया का निर्माण करें जिसमें हर बच्चा अपनी रूचि और योग्यता के क्षेत्र में निर्बाध आगे बढ़ सके और युवा स्त्री पुरुष अपनी आपसी रजामंदी से ...

बुद्धि के सही उपयोग - तर्क और ज्ञान के बिना मानव जीवन व्यर्थ है !

बुद्धि के सही उपयोग - तर्क और ज्ञान के बिना मानव जीवन व्यर्थ है ! 6 अरब आबादी वाली इस दुनिया में बहुत कम लोग हैं जो बुद्धि, ज्ञान और तर्क के साथ जीवन जी रहे हैं I आरम्भ में मैं उन लोगों की गलती बताना चाहता हूँ जो ज्ञान और तर्क के मार्ग पर हैं और फिर भी गलत हैं और बिना विवेक ईश्वर या God को नकार रहे हैं या सभी धर्मों से बैर रखे हैं या किसी विशेष धर्म या उसके मानने वालों से बैर रखे हैं - यह लोग मूर्ख हैं I मानव जीवन में ऐसे बहुत से मौक़े आते हैं जब ईश्वर या God के अस्तित्व का एहसास होता है या जब धर्म का सहारा चाहिए होता है और केवल मूर्ख और अड़ियल लोग ही ईश्वर, God या धर्म से अकारण बैर दिखा कर अपने को ज्ञानी और तार्किक सिद्ध करना चाहते हैं I यह भी सत्य है कि आस्था, धर्म और अध्यात्म को ले कर लोगों को भ्रमित भी किया गया, उनका मानसिक शारीरिक शोषण भी किया गया और उन्हें एक दूसरे का कातिल भी बनाया गया - आम गरीब लोग अपने जैसे अपने भाईयों को क़त्ल करते हैं और अपनी बहेन बेटी जैसी बहनों बेटियों का बलात्कार करते हैं I और यह सारा खून खराबा शायद मानव जाति पर प्रकृति का वही प्रयोग है जिसे su...

भाजपा, अगर हुकूमत करनी है तो मुगलों से सीखो अंग्रेजों से सीखो !

    भाजपा, अगर हुकूमत करनी है तो मुगलों से सीखो अंग्रेजों से सीखो ! मेरे सहयोगी श्री सैनी लैब तकनीशियन ने एक किस्सा बताया था शायद बनारस के हिन्दू ब्रह्मण परिवार का था - उनकी बेटी बहुत सुन्दर थी - मुस्लिम सूबेदार ने पंडित से कहा अपनी बेटी को दुल्हन बना कर रखना मैं उस तारीख को अपनी बरात ले कर आऊँगा I पंडित रोता हुआ औरंगजेब तक फ़रियाद ले कर पहुंचा - औरंगजेब ने तसल्ली दी और उस तारीख को खुद वहाँ पहुंचे और एक कोने में अपनी तलवार ले कर सर झुका कर बैठ गए I जैसे ही वह सूबेदार दूल्हा बना घोड़े से उतर कर दाखिल हुआ औरंगजेब ने उछल कर इतनी जोर से उसकी गर्दन पर वार किया कि उसका सर कट कर बहुत दूर गिरा I बताओ भाजपाइयों कौन है हुकूमत के लायक ? कौन है दुर्गा और शक्ति का अवतार ?

क्या लखनऊ के शियों में ज्यादा मौतें हो रही हैं ?

क्या लखनऊ के शियों में ज्यादा मौतें हो रही हैं ? यही लग रहा है और कई लोगों को भी शायद यही लग रहा है - मौतों की ज्यादा ख़बरें आ रही हैं और शादी और बच्चों की पैदाइश की ख़बरें कम आ रही हैं I नगर महापालिका के रिकार्ड्स देखने की ज़रुरत है लेकिन मान लें कि यह सच है तो इसकी क्या वजहें हो सकती हैं ? मैं समझता हूँ इसकी वजह शियों में धर्मान्धता और उलेमा परस्ती है - यहूदियों में भी पहले यही सब था और हिन्दू सवर्ण में भी यही था I यहूदियों के कैलेंडर में तो शायद कोई खाली दिन बचा नहीं है जिस दिन कोई ख़ास इबादत और ख़ास पकवान न होता हो I इनके यहाँ तो ऐसे ऐसे रोग होते थे   जो बाक़ी मानव जाति में होते ही नहीं थे I जिस ज़माने में मैं मेडिकल कॉलेज में पढ़ रहा था ब्रह्मणों के बच्चों को विशेष लीवर सिरोसिस होती थी - शायद तांबे के बर्तन में तांबे के चम्मच से बच्चों को देसी घी पिलाते थे या ऐसे ही कुछ करते थे - खैर यह रोग अब नहीं होता I शियों में धर्मान्धता और निष्क्रिय धर्म बहुत बढ़ गया है - शादियों में बरात हो या वलीमा 11 बजे रात के पहले कुछ होता नहीं है I जब कोई मरता है तो उस दिन दफन मजलिस फिर तीजा...