कट्टरवाद का तोड़ कट्टरवाद तो नहीं !
कट्टरवाद का तोड़ कट्टरवाद तो नहीं ! आज की दुनिया के सामने जो दो बड़े संकट - अपराधीकरण और लूट जिसमें सभ्य समाज के बड़े बड़े लोग तल्लीन हैं बताया पर मैं यह भी समझता हूँ कि आधी से अधिक दुनिया मुस्लिम आतंकवाद और कट्टरवाद को ही दुनिया के सामने सब से बड़ा खतरा समझती है ! मुस्लिम आतंकवाद और कट्टरवाद का तोड़ जवाबी आतंकवाद और कट्टरवाद नहीं बल्कि तर्क , विज्ञान और मानवतावाद है - Truth और Good से ही मुस्लिम आतंकवाद और कट्टरवाद को परास्त किया जा सकता है ! भारत में विकृत मानसिकता वाले लोगों ने जो संघ बनाया वह अपने ही देश में आतंकवादी हमले करवाने लगा ताकि आम जनता मुसलामानों से घृणा करे और अनेकों निर्दोष मुस्लिम युवा को जेलों में डाल दिया गया और कुछ का fake encounter भी कराया गया - जब गुजरात छोड़ कर हर जगह और केंद्र पर कांग्रेस शासन था या प्रदेश में सपा या बसपा शासन था I संघ सफल रहा और आज भाजपा सत्तारुढ़ है - जबकि 1950 से आम शिक्षित हिन्दू जन संघ को नकार चुका था और कांग्रेसी या कम्युनिस्ट था I आज जो भी समस्या है - राम मंदिर, आरक्षण, EVM, FDI, GST, Aadhaar और जनता के पैसों से खिलवाड़ और पूंजीपतिय...