परिवार में अपराधी
परिवार में अपराधी देश की समस्या न गरीबी है और न अशिक्षा क्योंकि हज़ारों वर्षों की हमारी सभ्यता में जन्म लेने वाले हर बच्चे को घर और स्कूल में कबीर, सूर, तुलसी और रहीम और अन्य महान संतों की वाणी से इस जीवन और इस संसार का वह सत्य मिल जाता है जो आधुनिक जगत की ऊंची से ऊंची शिक्षा से भी नहीं मिल सकता : पानी केरा बुदबुदा अस मानस की जात साच बराबर तप नहीं झूठ बराबर पाप हमारी समस्या अपराध है और वह अपराध जिसे भ्रष्टाचार का नाम दे कर और किक बैक आदि नाम दे कर छुपाया जाता है - यह सब अपराध हैं - वित्तीय अपराध और सच तो यह है कि यह चोरी हैं - पब्लिक धन की चोरी और इसके अतिरिक्त कुछ नहीं हैं ! आज शासन के तीनों अंग - लेजिस्लेचर , एग्जीक्यूटिव और जुडीशीअरी तीनों में यह चोर मौजूद हैं - हैं यह संख्या में कम पर इनके साथी इन्हें बचाए हुए हैं छुपाये हुए हैं I हम जानते है कि सागर में तैरते हुए हिम खंड का केवल ऊपर का एक बटा नौ भाग ही हम देखते हैं आठ बटा नौ हिस्सा पानी में छुपा रहता है इसी तरह रिश्वत कमीशन जैसे वित्तीय अपराध - करते एक चोर पकड़ा जाए तो यकीन मानिए आठ चोर छुपे बचे बैठे हैं - एक...