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Showing posts from December, 2017

ई०वी०एम० धांधली करने वाली पार्टी आंतरिक द्वेष और हिंसा से स्वयम छिन्न-भिन्न हो जायेगी !

ई०वी०एम० धांधली करने वाली पार्टी आंतरिक द्वेष और हिंसा से स्वयम छिन्न-भिन्न हो जायेगी ! ई०वी०एम० धांधली एक आत्मघाती कार्यवाही है एक फिदायीन हमला है यह सब के समझने की ज़रुरत है I महत्त्वाकांक्षी लोगों को द्वेषपूर्ण कार्यवाही, हिंसा और अनर्थ से बचाने के लिए एक मज़बूत रुकावट की ज़रुरत होती है और अगर ऐसी कोई रुकावट कारगर नहीं है तो अनर्थ ही उसका परिणाम है I यह रुकावट जनता की राय के रूप में होती है जिसको मीडिया प्रस्तुत करता है या यह रुकावट संविधान की व्याख्या के रूप में न्यायपालिका करती है और जब समय आता है जनता ऐसे लोगों को चुनाव में बाहर कर देती है I ई०वी०एम० धांधली तभी संभव है जब मीडिया और न्यायपालिका पहले से ही अपना शील गँवा चुके हों I ई०वी०एम० धांधली का निर्णय ले कर पार्टी वास्तव में एक "अवैध एक पार्टी तंत्र" लागू करती है और सारे महत्वकांक्षी - दुष्ट और सज्जन इसी पार्टी में शामिल हो जायेंगे I 1 मान लीजिये देश में 550 पद हैं और पार्टी 500 पदों को जीतने को सोचती है तो उसे 50 ऐसे लोग चुनने होंगे जो हारने को तैयार हैं - लेकिन चुनाव परिणाम के पूर्व तक इनमें से कई के...

ट्रम्प व मोदी का मुस्लिम द्वेष और सच्चा इस्लाम

21वीं शताब्दी में हम आज इस मक़ाम पर आ गए हैं कि विश्व के   दो सब से बड़े प्रजातंत्र देशों में चुनाव जीत कर वही दो लोग - डोनाल्ड ट्रम्प अमेरिका में राष्ट्रपति और नरेंद्र मोदी भारत में प्रधानमन्त्री बने हैं जिनकी पहचान मुस्लिम दुश्मनी के रूप में हैं और इनके समर्थक वे लोग हैं जो इन्हें जिताने के लिए बड़ी से बड़ी धांधली भी कर सकते हैं और सोशल मीडिया पर इनके विरुद्ध लिखने वालों को हतोत्साहित करने और अपमानित करने में कोई कसर भी नहीं छोड़ते हैं I यह मुस्लिम दुश्मनी क्या है और क्यों है ? दुनिया यहूदियों से भी नफरत करती है और इस नफरत की इंतिहा उस ज़ुल्म के रूप में नाज़ी जर्मनी में हुयी जिसे होलोकॉस्ट कहा जाता है और जिसको देख कर पूरी दुनिया स्तब्ध हो गयी और आज भी ताज्जुब करती है कि क्या इंसान इतना भी ज़ालिम हो सकता है ! आज भी कुछ वैसा ही मुस्लिम दुश्मन लोग ट्रम्प और मोदी से उम्मीद लगाए बैठे हैं - अच्छे खासे पढ़े लिखे लोग ! मेरे सहपाठी ने व्हाट्स ऐप्प ग्रुप में एक कविता लिखी थी मोदी के नाम - 'जैसा गुजरात में किया एक बार पूरे भारत में करा दो !' जैसा कहा जाता है कि ईश्वर गेंहू को पीस कर ...

आधुनिक शिक्षित मुस्लिम फ्रेंड्स : आखिर यथार्थ क्या है ?

हम सब इंसान हैं और विज्ञान की भाषा में Homo sapiens हैं - हमारे इतिहास में 4000 वर्ष पूर्व यहूदी धर्म आया था , 2000 वर्ष पूर्व ईसाई धर्म आया था और 1400 वर्ष पूर्व इस्लाम धर्म आया था I बात धर्मों की नहीं है बात लोगों की है - यहूदी लोग जहां भी रहते हैं वहाँ रहने वाले लोगों के मन में उनके खिलाफ स्वाभाविक रूप से नफरत पैदा होती है जिसका बहुत सही विवरण हिटलर की पुस्तक M ein Kampf में मिलता है I उसी प्रकार मुसलमान जहां भी रहते हैं वहाँ उनके खिलाफ लोगों के मन में नफरत पैदा होती है I यहूदी तो बहुत कम संख्या में हैं और बहुत अधिक विकसित और धन संपन्न हैं और अमेरिका में उनको वर्जस्व प्राप्त है I मुसलमान बहुत अधिक संख्या में हैं और आधुनिक दुनिया में औरों के मुकाबले पिछड़े हुए हैं और वास्तव में आधुनिक संसार में सभी लोगों के लिए एक बड़ी समस्या के रूप में हैं I इसी कारण सही या गलत तरीकों का प्रयोग कर के अमेरिका में ट्रम्प को और भारत में मोदी को सत्ता पर बिठाया गया है - लोग इन दोनों से कितना ही चिढें उम्मीद है यह दोनों पुन: सत्तारूढ़ होंगे - यह लेख मैं गुजरात वोटिंग के परिणाम आने के एक दिन ...

झूठ , धोखा गद्दारी का इतिहास 1

कभी सोचिये कि मुट्ठी भर परिवार अरबपति खरबपति कैसे बने तो आप को झूठ धोखा और गद्दारी का इतिहास नज़र आएगा I 1 इंसान धरती पर evolution   से आया है 2 हज़ारों वर्ष जंगल में रहा यहाँ कबीले बनाए पशु पालन किया 3 सैकड़ों वर्ष यह कबीले अपने पशुओं और सोना चांदी और जेवरों के साथ खानाबदोश रहे 4 फिर नदियों किनारे बसते गए गाँव बनाए खेती की   यहाँ मंदिर बनाए सोने चांदी से देवी देवता बनाए उन्हें जेवर चढ़ाए 5 कारीगरी और व्यापार विकसित हुआ नगर बसे - व्यापारी और राजा दो परिवार ऊपर उठ कर आये और एक दूसरे को फायेदा पहुंचाते रहे आम लोगों का नुकसान होता गया पर फिर भी इतना धोखा गद्दारी नहीं हुयी 6 महानगर बने साम्राज्य बने फिर भी इतना बड़ा धोखा और गद्दारी नहीं हुयी 7 विज्ञान और टेक्नोलॉजी का विकास हुआ - साम्राज्य बिखर गए - राष्ट्र बने और प्रजातंत्र स्थापित हुए और धोखे और गद्दारी का नया इतिहास शुरू हुआ 8 सत्ता के तीन अंग हुए - विधायिका कार्यपालिका और न्यायपालिका 9 व्यापारी सत्तारूढ़ राजनीतिज्ञों के करीब आये उन्हें व्यक्तिगत लाभ पहुंचाया और राजनीतिज्ञों ने व्यापारी को हर तरह का अनुचित लाभ...