ई०वी०एम० धांधली करने वाली पार्टी आंतरिक द्वेष और हिंसा से स्वयम छिन्न-भिन्न हो जायेगी !
ई०वी०एम० धांधली करने वाली पार्टी आंतरिक द्वेष और हिंसा से स्वयम छिन्न-भिन्न हो जायेगी ! ई०वी०एम० धांधली एक आत्मघाती कार्यवाही है एक फिदायीन हमला है यह सब के समझने की ज़रुरत है I महत्त्वाकांक्षी लोगों को द्वेषपूर्ण कार्यवाही, हिंसा और अनर्थ से बचाने के लिए एक मज़बूत रुकावट की ज़रुरत होती है और अगर ऐसी कोई रुकावट कारगर नहीं है तो अनर्थ ही उसका परिणाम है I यह रुकावट जनता की राय के रूप में होती है जिसको मीडिया प्रस्तुत करता है या यह रुकावट संविधान की व्याख्या के रूप में न्यायपालिका करती है और जब समय आता है जनता ऐसे लोगों को चुनाव में बाहर कर देती है I ई०वी०एम० धांधली तभी संभव है जब मीडिया और न्यायपालिका पहले से ही अपना शील गँवा चुके हों I ई०वी०एम० धांधली का निर्णय ले कर पार्टी वास्तव में एक "अवैध एक पार्टी तंत्र" लागू करती है और सारे महत्वकांक्षी - दुष्ट और सज्जन इसी पार्टी में शामिल हो जायेंगे I 1 मान लीजिये देश में 550 पद हैं और पार्टी 500 पदों को जीतने को सोचती है तो उसे 50 ऐसे लोग चुनने होंगे जो हारने को तैयार हैं - लेकिन चुनाव परिणाम के पूर्व तक इनमें से कई के...