आज की दुनिया के दो भयानक सच - कब तक आप गफलत में रहेंगे ? ... (2)



आज की दुनिया के दो भयानक सच - कब तक आप गफलत में रहेंगे ?  ... (2)
जैसाकि पिछले लेख  में मैंने कहा था हम सब Homo sapiens अपने इतिहास के पिछले 10000 वर्षों में सभ्य होते गए विकसित होते गए -  भाषा का विकास हुआ, समाज बना और देश बने - देश चलाने के लिए प्रजातंत्र स्थापित किया गया लेकिन अब पिछले कुछ दशक से मानव सभ्यता के सामने दो बड़े संकट उभर कर आये हैं I पहला संकट मैंने अपराधियों का हर देश में हर क्षेत्र में उभर कर ऊपर आना और अपराध का भूमंडलीकरण और अंतरराष्ट्रीयकरण हो जाना है और दूसरा बड़ा संकट जिसका मैं वर्णन करने जा रहा हूँ 'निरंतर चौबीसों घंटे चलने वाली लूट' है I
पहली लूट है धरती के गर्भ में उपस्थित मिनरलों की लूट - जैसे कि दुनिया भर में इस समय सब से बड़ा उद्योग व्यापार मोबाइल का है - मोबाइल निर्माण में कई प्रकार के मिनरल प्रयोग में आते हैं जो अफ्रीका और लैटिन अमेरिका में पाए जाते हैं - इसीलिए इन दो बड़े भूभाग में संसार में प्रजातंत्र और मानव अधिकारों की रक्षक महाशक्तियों ने छोटे छोटे देश बना कर वहाँ तानाशाही स्थापित कर रखी हैं और मल्टीनेशनल कम्पनियाँ संगीन की नोकों की छांव में वहाँ के मर्दों , औरतों और बच्चों से कम उजरत पर जबरी मजदूरी करवा कर निकले गए मिनरल को उठा ले जाती हैं I और औद्योगिक उत्पादनों का परिणाम ज़हरीली गैसों का उत्सर्जन और ग्लोबल वार्मिंग है जिससे आंखें बंद कर के और जिसका इनकार कर के मल्टीनेशनल और महाशक्तियां लूट और उत्पादन और व्यापार में तल्लीन हैं - सारी  मानव जाति और सम्पूर्ण जीवन के लिए खतरा बना हुआ है I
दूसरी बड़ी लूट पेड़ पौधों पशुओं, चिड़ियों और मछलियों आदि के शरीर से लूट I पशुओं जलजीवों के शरीर से औषधि बना कर दुनिया भर में बेचने का काम चीन, जापान और कोरिया जैसे देश कर रहे हैं और ये लूट इतनी निर्दयी और हिंसक हैं कि इनके आगे भी मानवता शर्मसार है I
तीसरी बड़ी लूट है - मानव श्रम की तस्करी और नारी शिशु देह व्यापार I रोज़गार की लालच दिला कर लोगों को उनके देश से  बाहर स्मगल कर दिया जाते है और इस तरह गैर कानूनी ढंग से दूसरे देशों में प्रवेश पाए लोग गुलामी का जीवन जीने को मजबूर हो जाते हैं  I बहुत पहले सुना था लड़कियों को गवर्नेस की नौकरी के बहाने मिडिल ईस्ट भेजा जाता है जहां वे शेखों की सेक्स स्लेव बन कर जीवन काटती हैं I
जहां कहीं प्राकृतिक आपदा अति है या जहां युद्ध और इंसरजेंसी होती है वहाँ से औरतें बच्चे अपहरण कर के विदेशों में पहुंचा दिए जाते हैं जहाँ उनका यौन शोषण होता है और पोर्नोग्राफी भी तैयार होती है जिसका अपना करोड़ों अरबों का व्यापार है I
इसके इलावा दुनिया के किसी भी हिस्से से किसी भी परिवार से ( भले ही मुस्लिम न हो ) बच्चा चुरा कर उसे 5 से 10 वर्ष में ब्रेन वश कर के 'फिदायीन' बनाया जा सकता है और ऐसे फिदायीन को कोई भी देश या संगठन ( भले ही मुस्लिम न हो )  खरीद कर कहीं भी आतंकवादी हमला करवा सकता है I  
यह हैं आज की दुनिया के दो बड़े संकट जिससे आप गाफिल हैं - क्या रास्ता है दुनिया भर के सभ्य शिक्षित कानून मानने वाले मानवतावादी लोगों के सामने ?  
ASTHA - Association of Social Thinkers and Activists - आप manesiro@gmail.com पर ई मेल करें - आपको सामाजिक पुनर्निर्माण Year Book 2018 का ड्राफ्ट प्रेषित किया जाएगा - आप अपने बहुमूल्य विचार इसमें अंत में अंकित कर मुझे पुनर्प्रेषित करें - सभी के विचार संकलित कर के  वर्ष 2018 जनवरी मास के अंत तक इस पुस्तक को प्रकाशित किया जाएगा I इस प्रकार वर्ष प्रति वर्ष यह क्रम चलता रहेगा I
ASTHA एक ऑनलाइन संगठन है जो नि:शुल्क  है और कभी कोई फीस नहीं लेगा - सिर्फ सत्य और ज्ञान की शक्ति से आम नागरिकों को जागृत कर के देश और दुनिया बदल देगा - आप केवल ईमेल द्वारा जुड़े रहें और अपनों को जोड़ें I इन विचारों को समझें  और आगे बढ़ाएं - इन पोस्टों को शेयर करें I

Comments

Popular posts from this blog

भाजपा, अगर हुकूमत करनी है तो मुगलों से सीखो अंग्रेजों से सीखो !

परिवार में अपराधी

ट्रम्प व मोदी का मुस्लिम द्वेष और सच्चा इस्लाम