आज की दुनिया के दो भयानक सच - कब तक आप गफलत में रहेंगे ? ... (1)
आज की दुनिया के दो भयानक सच - कब तक आप गफलत
में रहेंगे ? ... (1)
हम सब Homo sapiens अपने इतिहास के पिछले 10000
वर्षों में सभ्य होते गए विकसित होते गए -
भाषा का विकास हुआ, समाज बना और देश बने - देश चलाने के लिए प्रजातंत्र
स्थापित किया गया लेकिन अब पिछले कुछ दशक से मानव सभ्यता के सामने दो बड़े संकट उभर
कर आये हैं I
पहला संकट है लगभग सभी देशों में अपराधी
प्रवृत्ति के लोगों का ऊपर आ जाना - शासन, प्रशासन, न्यायपालिका,पुलिस, मीडिया और
प्रोफेशन में I यह अपराधी प्रवृत्ति के लोग संख्या में अभी कम हैं पर आपस में एक
दूसरे की मदद करते हैं इसलिए न पकड़े जा सकते हैं और न दण्डित किये जा सकते हैं
बल्कि अगर कोई इनके विरुद्ध खड़ा हो तो उलटे उसे ही फंसाया जा सकता है या ख़त्म
कराया जा सकता है I
इसी के साथ अपराधों का भी भूमंडलीकरण और
अंतरराष्ट्रीयकरण हो गया है :
1 नारकोटिक्स
2 स्मगलिंग
3 पोर्नोग्राफी
4 मानव श्रम की तस्करी
5 औरतों बच्चों की तस्करी
इन अपराधों में विभिन्न देशों की सीमाओं की
सुरक्षा करने वाले लोगों, कस्टम के लोगों और एयरलाइन्स के स्टाफ में जो अपराधी
प्रवृत्ति के लोग हैं वे सम्मिलित हैं I बल्कि यू०एन०ओ० तक के अधिकारी भी शामिल
पाए गए हैं I
उपरोक्त अपराधों में राजनीति, धर्म, अध्यात्म और
संस्कृति ( कला, संगीत आदि ) के कुछ लोग भी सम्मिलित हैं I
भ्रष्टाचार को अपराध से अलग कर के देखना भी गलत
है - जिन्हें भ्रष्ट कहा जाता है -रिश्वत और कमीशन लेने वाले लोग तो ये लोग
'वित्तीय अपराधी' हैं I
ऐसे लोग जिन्होंने अरबों रुपये कमा लिए हैं
उन्हें अपना धन बचाने की बहुत चिंता होती है और इसके लिए वे अनेक उपाय करते हैं
जिसमें से एक उपाय जो जैसा मैं समझता हूँ शायद money laundering वही होती है : ये
लोग अपने निकट के लोगों परिवारजन के खातों में एक एक दो दो करोड़ जमा करवा देतें
हैं और यह कह देते हैं कि बैंक इंटरेस्ट
तुम्हारा - इस तरह उन लोगों को वर्ष में 4 से 8 लाख मिलने लगते हैं - उनका ज़मीर
बिक जाता है और उनका भी अपराधीकरण हो जाता है !
ऐसी स्थिति में ज़रूरी है कि हर देश के कानून का
पालन करने वाले लोग एक जुट हों और राजनैतिक सत्ता प्राप्त करें और उन सभी लोगों को
चाहे सत्ता, शासन, प्रशासन, पुलिस ,इंटेलिजेंस , सेना , न्यायपालिका, मीडिया में
कितने ही ऊंचे पदों पर हों और चाहे प्रोफेशन, धर्म. अध्यात्म और संस्कृति के शिखर
पर हों अगर उन्होंने अपराध किये हैं तो निष्पक्ष रूप से उन्हें गिरफ्तार कर के
दण्डित किया जाए तभी मानव सभ्यता की रक्षा हो पाएगी I
ASTHA -
Association of Social Thinkers and Activists - आप manesiro@gmail.com पर ई मेल
करें - आपको सामाजिक पुनर्निर्माण Year Book 2018 का ड्राफ्ट प्रेषित किया जाएगा -
आप अपने बहुमूल्य विचार इसमें अंत में अंकित कर मुझे पुनर्प्रेषित करें - सभी के
विचार संकलित कर के वर्ष 2018 जनवरी मास
के अंत तक इस पुस्तक को प्रकाशित किया जाएगा I इस प्रकार वर्ष प्रति वर्ष यह क्रम
चलता रहेगा I
ASTHA एक
ऑनलाइन संगठन है जो नि:शुल्क है और कभी
कोई फीस नहीं लेगा - सिर्फ सत्य और ज्ञान की शक्ति से आम नागरिकों को जागृत कर के
देश और दुनिया बदल देगा - आप केवल ईमेल द्वारा जुड़े रहें और अपनों को जोड़ें I इन विचारों
को समझें और आगे बढ़ाएं - इन पोस्टों को
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