बुद्धि के सही उपयोग - तर्क और ज्ञान के बिना मानव जीवन व्यर्थ है !
बुद्धि के सही उपयोग - तर्क और ज्ञान के बिना मानव जीवन व्यर्थ है !
6 अरब आबादी वाली इस दुनिया में बहुत कम लोग हैं जो बुद्धि, ज्ञान और तर्क के
साथ जीवन जी रहे हैं I
आरम्भ में मैं उन लोगों की गलती बताना चाहता हूँ जो ज्ञान और तर्क के मार्ग पर
हैं और फिर भी गलत हैं और बिना विवेक ईश्वर या God को नकार रहे हैं या सभी धर्मों
से बैर रखे हैं या किसी विशेष धर्म या उसके मानने वालों से बैर रखे हैं - यह लोग
मूर्ख हैं I मानव जीवन में ऐसे बहुत से मौक़े आते हैं जब ईश्वर या God के अस्तित्व
का एहसास होता है या जब धर्म का सहारा चाहिए होता है और केवल मूर्ख और अड़ियल लोग
ही ईश्वर, God या धर्म से अकारण बैर दिखा कर अपने को ज्ञानी और तार्किक सिद्ध करना
चाहते हैं I
यह भी सत्य है कि आस्था, धर्म और अध्यात्म को ले कर लोगों को भ्रमित भी किया
गया, उनका मानसिक शारीरिक शोषण भी किया गया और उन्हें एक दूसरे का कातिल भी बनाया
गया - आम गरीब लोग अपने जैसे अपने भाईयों को क़त्ल करते हैं और अपनी बहेन बेटी जैसी
बहनों बेटियों का बलात्कार करते हैं I
और यह सारा खून खराबा शायद मानव जाति पर प्रकृति का वही प्रयोग है जिसे
survival of fittest कहा जाता है - मूर्ख कम बुद्धि के लोग राजनीतिज्ञों , धर्म
गुरुओं और अध्यात्म गुरुओं के हाथ बर्बाद होते रहेंगे I
इसलिए ज़रूरी है कि ईश्वर, God या धर्म के नाम पर भ्रमित होने के बजाय ज्ञान और
तर्क के मार्ग पर चलें , किसी धर्म पुस्तक, धर्म गुरु , अध्यात्म गुरु या
राजनीतिज्ञ के हाथों अपनी बुद्धि और विवेक को न बेचें I
यह दुनिया लगभग 13.8 अरब पूर्व अस्तित्व में आयी I
सौर मंडल और पृथ्वी का जन्म 6 अरब वर्ष पूर्व हुआ था
धरती पर 3 लाख पूर्व के नारी कंकाल
"लूसी" से हम सब जेनेटिक लिंक्ड हैं
आधुनिक मानव Homo sapiens 2 लाख पूर्व विकसित हुआ
10000 वर्ष पूर्व से हमारी सभ्यता का विकास आरम्भ हुआ I
धरती पर सिर्फ इंसान ही जन्म लेते रहे हैं और
कुछ इंसानों ने अपने समय में अपने छोटे से समाज में ईश्वर का नाम ले कर जीवन जीने
की पद्वति सिखाई और यही कुछ सौ वर्षों में धर्म के रूप में स्थापित हो गए और जिनकी
बहुत सी बातें आज के बदले युग में गलत और नुकसानदायक हो चुकी हैं I
आज क्या सच है और आज क्या धर्म है इसके लिए
Universal Declaration of Human Rights 1948 को नेट पर पढ़ें और पूरी दुनिया में
स्थापित करें - यही मानव जाति का भविष्य है - यही धर्म है और यही राजनीति है I
नफरत फैलाने वालों , धर्म जाति में बांटने वालों
का तिरस्कार करें और World Citizen बनें !
manesiro@gmail.com
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