आगे अँधेरा है - जागृति की ज़रुरत है
इस धोखे में जीवन न जीइयये कि अरबों खरबों वाले आप को और आपकी भावी पीढ़ियों को चैन से जीने देंगे ! पहले बात और थी जब 95 प्रतिशत लोग अपनी गरीबी में मस्त जीवन जी रहे थे और धर्म और अध्यात्म की छांव में जी रहे थे - आज का पूंजीपति उद्योगपति जो देशों के कानून से मुक्त मल्टीनेशनल कंपनियों का मालिक है और जिसके लिए जनता द्वारा चुनी सरकारें उस की रखैल बन जाती हैं - उसे आप का सब कुछ चाहिए आप की ज़मीन वहाँ वह वह कारखाने लगाएगा जिनके प्रदूषण के कारण जिन्हें वह अपने देश में नहीं लगाएगा - आप की सरकार आप की ज़मीन खाली करा कर उसे मुफ्त ज़मीन देंगी, उसे मुफ्त बिजली देंगी या वह बिजली बिलों का भुगतान करेगा ही नहीं - आप के घरों से बिजली काट कर उसे बिजली दी जायेगी I अगर आप किसी छोटे देश में रहते हैं तो जब तक यह नहीं मालूम है कि आप के भू भाग के नीचे तेल या मिनरल है तब तक आप रह लीजिये और प्रजातंत्र में रह ...