एक नया विश्व
आज की दुनिया
की वे भयानक खराबियां जो बढ़ती जा रही हैं और कुछ दशक पूर्व न के बराबर थीं !
इन खराबियों के
आगे देश विदेश की सरकारें सिर्फ घुटने ही नहीं टेकें हैं बल्कि अनेक स्वयं शामिल
भी हैं :
1 प्राकृतिक
सम्पदा की लूट और बढ़ता प्रदूष्ण
मल्टीनेशनल
कंपनियां मुनाफैं की हवस में एक तरफ
लगातार चौबीसों घंटे मिनरल , तेल , वनों , सागरों, जीवों को लूट रहे हैं स्थानीय
लोगों से जबरी मजदूरी भी करवा रहे हैं और अपने कारखाने ऐसी जगह लगवा रहे हैं जहां
रहने वालों के जीवन और स्वास्थ्य को बहुत बड़ा खतरा खड़ा कर रहे हैं और इन सब कामों
में शक्तिशाली देशों की सरकारें उनकी मददगार हैं और अगर कोई देश इनकार करे तो
शक्तिशाली देश उस पर हमला कर दें या इनकार करने वाले शासक की हत्या करवा दें I
औद्योगिक प्रतिष्ठानों से ग्लोबल वार्मिंग हो रही है और वायु जल हर तरफ प्रदूषण
बढ़ता जा रहा है I हमारे सिवा इसे कौन रोक सकता है ? दुनिया के कमज़ोर नागरिक एक जुट
हो कर प्राकृतिक संपदाओं की लूट और प्रदूषण जनक उद्योगों को हमेशा के लिए ख़त्म कर
सकते हैं I हम भारतवासी जो जानते हैं यह संसार यह जीवन कुछ नहीं है - पानी कर
बुदबुदा अस मानस की जात और जो जानते हैं
रुपया पैसा कुछ नहीं सिर्फ हाथों की मैल है - यही विश्व की अगुवाई कर के एक नए
विश्व की रचना करेंगे I
2 नुक्लीय
अस्त्र , बायो अस्त्र , केमिकल अस्त्र और गन कल्चर
कोई देश स्वयं
अस्त्रों को ख़त्म करने में पहल नहीं कर सकता उधर हथियार बनाने वाले उद्योगपति गन
कण्ट्रोल होने नहीं देंगे और दुनिया भर के आतंकवादी विघटनकारी संगठनों को शस्त्र सप्लाई
करते रहेंगे और फण्ड , शस्त्र और विस्फोटक
विभिन्न देशों की सरकारों द्वारा और सेनाओं द्वारा आतंकवादी विघटनकारी संगठनों को
पहुँचते रहेंगे I सिर्फ हम एक ग्लोबल सत्ता बना कर शास्त्रों के निर्माण और सप्लाई
पर रोक लगा सकते हैं और इनके ज़खीरों को सागर में डुबो सकता हैं या स्पेस में भेज
सकते हैं - सिर्फ हम दुनिया के कमज़ोर
नागरिक एक जुट हो कर ऐसा सकते हैं I हम भारतवासी जो जानते हैं यह संसार यह जीवन
कुछ नहीं है - पानी कर बुदबुदा अस मानस की जात
और जो जानते हैं रुपया पैसा कुछ नहीं सिर्फ हाथों की मैल है - यही विश्व की
अगुवाई कर के एक नए विश्व की रचना करेंगे I
3 मानव तस्करी
स्त्रीयों बच्चों की ट्रैफिकिंग यौन शोषण
इस जघन्य अपराध
में सिर्फ विभिन्न देशों की सरकारें पुलिस ही नहीं यूनाइटेड नेशन्स के पदाधिकारी
भी शामिल हैं I हमारे सिवा कौन
इनकी रक्षा कर सकता है और इन्हें न्याय दिला सकता है ?
उपरोक्त सभी
अपराध - उद्योगपति , व्यापारी , सरकारें ,पुलिस और सेना के अधिकारी और यूनाइटेड
नेशंस ले पदाधिकारी धन की लालच में कर रहे हैं - उन अरबों खरबों की लालच में जिनका
वे उपयोग भी नहीं कर सकते - सिर्फ बैंक अकाउंट में दाहिनी तरफ शून्य बढ़ते जाते हैं
! और आप को देश धर्म जाति का पाठ पढ़ा कर कमज़ोर किये हैं !
देश धर्म जाति
के झूठ का त्याग करिए और दुनिया के अपराधों का नाश करिए अपराधियों को दण्डित
कीजिये - सिर्फ हम दुनिया के कमज़ोर नागरिक
एक जुट हो कर ऐसा सकते हैं I हम भारतवासी जो जानते हैं यह संसार यह जीवन कुछ नहीं
है - पानी कर बुदबुदा अस मानस की जात और
जो जानते हैं रुपया पैसा कुछ नहीं सिर्फ हाथों की मैल है - यही विश्व की अगुवाई कर
के एक नए विश्व की रचना करेंगे I
हम सभी शिक्षित स्त्री पुरुष एक मज़बूत संगठन बनाएं
- मैंने इसका नाम सोचा है ASTHA - Association of Social Thinkers and Activists -
आप manesiro@gmail.com पर ई मेल करें - आपको सामाजिक पुनर्निर्माण Year Book 2017
का ड्राफ्ट प्रेषित किया जाएगा - आप अपने बहुमूल्य विचार इसमें अंत में अंकित कर
मुझे पुनर्प्रेषित करें - सभी के विचार संकलित कर क्र वर्ष 2018 मार्च में इस
पुस्तक को प्रकाशित किया जाएगा I
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