जब संविधान और कानून की धज्जियां उड़ाई जाने लगें !
जब संविधान और कानून की धज्जियां उड़ाई जाने लगें !
आज जो कुछ हो रहा है उससे हर शिक्षित स्त्री पुरुष को मानव समाज और शासन के
सत्य को समझने की ज़रुरत है :
जो सत्ता के शिखर पर बैठे हैं जब उन पर कोई अंकुश नहीं होता है तो पुलिस,
प्रशासन, न्यायपालिका और अन्य संवैधानिक संस्थाएं जैसे कि इलेक्शन कमीशन और अन्य
आयोग उनके आगे घुटने टेक देते हैं और इनमें से इक्का दुक्का व्यक्ति अगर अपने
नैतिक साहस दिखा भी दे तो संजीव भट्ट या जस्टिस लोया जैसे अंजाम को पहुँच सकता है
इसलिए व्यक्तिगत साहस दिखाने की ज़रुरत नहीं है I
और जो हो रहा है वह कोई नया भी नहीं है - 'हल्ला बोल', संजय गाँधी के यंग टर्क
, कांग्रेस राज्य में माँ बेटे के आगे मनमोहन सिंह की स्थिति, वी वी गिरि और
फखरुद्दीन अली की माँ बेटे के आगे स्थिति और हम सब जो शासन में ऊपर तक देख चुके
हैं मुख्य मंत्री और मंत्रियों के आगे उच्च अधिकारियों की हालत और मेडिकल
सेक्रेटरी और डी एम के आगे हम डॉक्टरों की हालत - रोज़ सुबह शाम गुंडागर्दी से अलग
तो कुछ भी नहीं है !
मायावती के बारे में सुना था जब ए पी सिंह
ए०पी०सी० के पद पर थे तो जब मायावती ने उनसे नाम पूछा और उन्होंने बताया तो
वह बोलीं 'वाह ए०पी०सी० तू ए०पी०सी० तेरा नाम भी ए०पी०सी० !
इस तरह आज़ादी के बाद से अब तक उच्च अधिकारी और हम डॉक्टर्स न जाने कितने मुख्य
मंत्रियों, मंत्रियों . एम०एल०ए० और एम० पी० की गुंडागर्दी बर्दाश्त करते आ रहे
हैं - सब संविधान, कानून और सभ्यता के मुंह पर तमाचे ही तो थे !
जब बाबरी मस्जिद तोड़ी जा रही थी और नरसिम्हा राव सो रहे थे - वह क्या था ?
देश विभाजन और आज़ादी के बाद से जो दंगे हुए और आसाम और गुजरात वह सब क्या था ?
इतिहास में और पहले जाइए - गदर और गदर के बाद ब्रिटिश प्रतिशोध, मुग़ल साम्राज्य
के पतन और ब्रिटेन की सत्ता के मध्यकाल में सतनामी और मराठों का इतिहास पढ़िए और
इसके पूर्व मुस्लिम आक्रमणकारी और जब वे नगर में प्रवेश करते होंगे !
भारत के गाँव वाले इतना लूटे जाते थे कि कच्ची झोंपड़ियों में रहना और जब खतरा
हो छोड़ कर भाग जाओ और जब खतरा गुज़र जाए तो वापस आ जाओ - आज तक चल रहा है !
डाकू भी ठाकुर परिवार के लोग या उनके सेवक ही होते थे जो मुंह पर ढाठा बाँध कर
लूटते थे और बलात्कार करते थे उनका जो उन्हें उनके खुले चेहरों के आगे दंडवत
प्रणाम करते थे !
संघ की दुविधा जातिवाद है और इस लिए वह मुस्लिम विरोधी है - केवल भारत के
गरीब कमज़ोर मुसलामानों का दुश्मन -
पाकिस्तान, अरब और ईरान को गले लगाता है - असली चीज़ जातिवाद है चाहे धर्म परिवर्तन
कर लिया हो !
आज संघ के वफादार उच्च पदों पर हैं और ई०वी०एम० धांधली रोकना संभव नहीं है और
वास्तव में संघ का कोई विकल्प नहीं है जैसे कभी कांग्रेस का विकल्प नहीं था !
बल्कि यह कहिये सत्ता में कोई भी रहे संविधान और कानून उसके लिए बस एक खिलौना
बन जाता है I
जब तक हम सब शिक्षित और खुले दिमाग के न हो जाएँ - हमें धर्म, जाति और राष्ट्र
से ऊपर उठ कर इंसान बनना होगा - विश्व नागरिक बनना होगा - वापस होमो सेपियन्स बनना
होगा और सारे इंसानों के लिए पूरी दुनिया में यूनिवर्सल डिक्लेरेशन ऑफ़ ह्यूमन
राइट्स लागू करना होगा ! हमें अपराध,
भ्रष्टाचार , लूट और प्रदूष्ण को जड़ से मिटाना होगा - चुनाव जीत कर सत्ता पर कोई
भी बैठे अपराध , भ्रष्टाचार, लूट और प्रदूष्ण से उसे समझौता करना ही पड़ता है !
केवल हम सब मिल कर ही सफल हो सकते हैं I हमें
एक संगठन बनाना होगा जिसके होते कोई भी सत्ता पर आये मानवता और सभ्यता की धज्जियां
न उड़ा सके I
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