व्यस्क सम्बन्ध : किसी और को क्या लेना देना ?



व्यस्क सम्बन्ध : किसी और को क्या लेना देना ?
कोई दो व्यस्क आपस में चाहे जो सम्बन्ध रखें - शारीरिक समलैंगिक या विषम लैंगिक या कोई व्यस्क ट्रांसजेंडर हो तो इससे कानून को क्या सरोकार ? कानून का काम तो केवल बलात्कार, हिंसा और पेडोफिलिया के मामलों में आता है और इन अपराधों को करने वाले लोग अवश्य दण्डित किये जाने चाहिए I सुनने में तो यह आता है कि हिंसा और बलात्कार के अपराधी चुनाव भी जीत जाते हैं और मंत्री भी बन जाते हैं और सरकार और अदालतें समलैंगिक व्यस्क संबंधों में हस्तक्षेप करना चाहते हैं I व्यस्क सम्बन्ध केवल शारीरिक नहीं होते - भावनात्मक और स्पिरिचुअल भी हो सकते हैं I
बात केवल तब आती है जब वे पहले से विवाहित हैं एक या दोनों के मैरिज पार्टनर कोई दूसरे हैं - तब अवश्य एक समस्या है और दम्पति में एक दूसरे को धोखा दे या दोनों एक दूसरे को धोखा दे रहे हैं तो यहाँ बात खुलने पर उनके सामने तलाक़ का रास्ता है या फिर देखना है ज़िन्दगी क्या गुल खिलाती है - पर कानून का रोल तलाक़ की अर्ज़ी के पहले नहीं है I  
व्यस्क सम्बन्ध विवाह के अंतर्गत हों या उससे परे पर आपस में वे क्या करते हैं - जेनाईटल. एनल या ओरल इससे भी किसी का लेना देना नहीं हैं और व्यस्क अपनी आपसी मर्जी ख़ुशी से कुछ भी कर सकते हैं I  
आइये भारत में विज्ञान और तर्क की क्रांति लायें और धर्मान्धता, कट्टरवाद, सम्प्रदायिकता और जातिवाद को समाप्त करें और भारत को विश्व का सब से विकसित देश बनाएं !  
1 कोई नहीं जानता और न जान सकता है कि ईश्वर है कि नहीं और इस दुनिया से परे कोई दुनिया और इस जीवन के बाद कोई जीवन है भी कि नहीं !
2  हर एक जो मानना चाहे माने बिना किसी के मामले में हस्तक्षेप किये बिना और किसी को डिस्टर्ब किये बिना I
3 पूरी दुनिया में यूनिवर्सल डिक्लेरेशन ऑफ़ ह्यूमन राइट्स 1948 सही अर्थों में लागू किया जाए I
4 इस सृष्टि का आरंभ 13.8 अरब वर्ष पूर्व बिग बैंग से हुआ था
5 सौर मंडल और पृथ्वी का जन्म 6 अरब वर्ष पूर्व हुआ था
6 धरती पर 3 लाख पूर्व के नारी कंकाल "लूसी" से हम सब जेनेटिक लिंक्ड हैं
7 आधुनिक मानव 2 लाख पूर्व विकसित हुआ
8 10000 वर्ष पूर्व से सभ्यता का विकास  आरम्भ हुआ I
आइये हम सब सत्य की खोज करें और जो अच्छा है उसे स्थापित करें !
भारत की नयी पीढ़ी जिस दिन निर्णय लेगी कि विज्ञान और तर्क के मार्ग पर ही चलना है और धर्मान्धता, कट्टरवाद, सम्प्रदायिकता और जातिवाद का त्याग करना है उस दिन भारत दुनिया का सब से विकसित और सभ्य देश  बन जाएगा I
सामाजिक पुनर्निर्माण में अपना योगदान देने के के लिए इस लिंक पर क्लिक करें :
Association of Social Thinkers and Activists - आप manesiro@gmail.com पर ई मेल करें - आपको सामाजिक पुनर्निर्माण Year Book का ड्राफ्ट प्रेषित किया जाएगा - आप अपने बहुमूल्य विचार इसमें अंत में अंकित कर मुझे पुनर्प्रेषित करें - सभी के विचार संकलित कर के अगले  वर्ष जनवरी मास के अंत तक इस पुस्तक को प्रकाशित किया जाएगा I इस प्रकार वर्ष प्रति वर्ष यह क्रम चलता रहेगा I
Association of Social Thinkers and Activists एक ऑनलाइन संगठन है जो नि:शुल्क  है और कभी कोई फीस नहीं लेगा - सिर्फ सत्य और ज्ञान की शक्ति से आम नागरिकों को जागृत कर के देश और दुनिया बदल देगा - आप केवल ईमेल द्वारा जुड़े रहें और अपनों को जोड़ें I इन विचारों को समझें  और आगे बढ़ाएं - इन पोस्टों को शेयर करें I

Comments

Popular posts from this blog

भाजपा, अगर हुकूमत करनी है तो मुगलों से सीखो अंग्रेजों से सीखो !

परिवार में अपराधी

ट्रम्प व मोदी का मुस्लिम द्वेष और सच्चा इस्लाम