स्वैछिक विवाह : नए भारत के निर्माण के लिए अनिवार्य
स्वैछिक विवाह : नए
भारत के निर्माण के लिए अनिवार्य
जब लड़के लड़कियां अपना
जीवन साथी स्वयं चुनते हैं और ऐसा करने में सम्प्रदाय और जाति की दीवारों को लांघ
कर जाते हैं तो यह देश, समाज और प्रकृति के पूर्णत: अनुकूल है I
भावी संतान अधिक स्वस्थ
और बुद्धिमान होगी जिसके माता पिता अलग अलग जेनेटिक पूल के हैं - एक ही पूल में
विवाह होने के कारण कमज़ोर जीन उभर आते हैं और संतानें शारीरिक और मानसिक रूप से अस्वस्थ
और कमज़ोर होती हैं I
स्वैच्छिक विवाह करने
वाले लड़के लड़कियां प्रकृति के नियमों का पालन कर रहे हैं - एक लड़का अपने आस पास
रहने वाली या साथ पढ़ने वाली या साथ काम करने वाली या संयोग से ऐसे ही दिखने वाली
लड़की के बाल, आँखों, होंट , गाल के गड्ढे उसके लिए इतने मोहक हो जाते हैं कि उस
लड़की को पाना चाहता है अपना जीवन साथी बनाना चाहता और फिर सारे डर हिचक को परे कर
के किसी तरह अपनी बात टूटी फूटी भाषा में लड़की से कह ही देता है - लड़की को बहुत
गुस्सा आता है या वह बहुत डर जाती है - पर धीरे धीरे सम्मोहन असर कर जाता है और
मिलना जुलना शुरू हो जाता है I
अब अगर उनके बीच दीवार
खड़ी कर दी जाए - एक की शादी कहीं और कर दी जाए तो दूसरा मानसिक विक्षिप्त हो जाता
और एक या दोनों आत्म हत्या की भी कोशिश करते हैं और जान दे भी देते है और अजीब बात
यह है कि यह कहानी हर एक को उपन्यास और फिल्म में भाती है और ऐसा सम्मोहन हर एक के
दिवा स्वप्न का अंग भी होते हैं पर वास्तविक जीवन में हमारे इलावा अगर कोई और ऐसा
प्रेम करता है तो हम उसके दुश्मन बन जाते हैं - हिंसा और हत्या पर उतारू हो जाते
हैं - जाने कितनी लड़कियां अपने ही माता पिता या भाइयों के हाथों मारी जा चुकी हैं
I
या फिर और लोग भी बीच
में कूद पड़ते हैं - पुलिस केस बनता है - लड़का जेल में बंद कर दिया जाता है और लड़की
नारी निकेतन में I
मुस्लिम प्रेमी और
हिन्दू प्रेमिका के मामले में ऐसा ही होता है - जाने कितनी अभागी हिन्दू लड़कियां
मानसिक विक्षिप्त हो कर देश भर के नारी निकेतनों में सड़ रही हैं I
प्रेमिका लड़की का
बलात्कार भी कर दिया जाता है - गुंडे या पुलिस - 'साली यही तो चाहती है जिसके लिए
माँ बाप की नाक कटा रही है !'
धर्म और जाति के झूठ की
वेदी पर न जाने कितने लड़के लड़कियां बलि चढ़ा दिए गए !
देश के शिक्षित
प्रबुद्ध जन को प्रेमी युगल की रक्षा और सहायता के लिए सामें आना चाहिए - जो लड़के
लड़कियां जेलों नारी निकेतनों में बंद हैं उन्हें छुड़ाया जाए उनका पुनर्वास किया
जाए I लड़कियों के लिए हॉस्टल खोले जाएँ जिसमें वे परिवार छोड़ कर आ कर रह सकें और
उन्हें स्टाईपेंड मिले जिससे उस समय तक जीवनयापन करें जब तक लड़का आत्म निर्भर हो
कर अपना घर न बसा सके और उसे आ कर ले जाए या लड़की स्वयं आत्म-निर्भर हो जाए I
आइये भारत में विज्ञान
और तर्क की क्रांति लायें और धर्मान्धता, कट्टरवाद, सम्प्रदायिकता और जातिवाद को
समाप्त करें और भारत को विश्व का सब से विकसित देश बनाएं !
1 कोई नहीं जानता और न
जान सकता है कि ईश्वर है कि नहीं और इस दुनिया से परे कोई दुनिया और इस जीवन के बाद
कोई जीवन है भी कि नहीं !
2 हर एक जो मानना चाहे माने बिना किसी के मामले
में हस्तक्षेप किये बिना और किसी को डिस्टर्ब किये बिना I
3 पूरी दुनिया में
यूनिवर्सल डिक्लेरेशन ऑफ़ ह्यूमन राइट्स 1948 सही अर्थों में लागू किया जाए I
4 इस सृष्टि का आरंभ 13.8 अरब वर्ष पूर्व बिग
बैंग से हुआ था
5 सौर मंडल और पृथ्वी का जन्म 6 अरब वर्ष पूर्व
हुआ था
6 धरती पर 3 लाख पूर्व के नारी कंकाल
"लूसी" से हम सब जेनेटिक लिंक्ड हैं
7 आधुनिक मानव 2 लाख पूर्व विकसित हुआ
8 10000 वर्ष पूर्व से सभ्यता का विकास आरम्भ हुआ I
आइये हम सब सत्य की खोज करें और जो अच्छा है उसे
स्थापित करें !
भारत की नयी पीढ़ी जिस दिन निर्णय लेगी कि
विज्ञान और तर्क के मार्ग पर ही चलना है और धर्मान्धता, कट्टरवाद, सम्प्रदायिकता
और जातिवाद का त्याग करना है उस दिन भारत दुनिया का सब से विकसित और सभ्य देश बन जाएगा I
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