भारत की आधुनिक पीढ़ी के लिए सही जीवन दर्शन
भारत की आधुनिक पीढ़ी के लिए सही जीवन दर्शन
भारत की आधुनिक शिक्षित नयी और आने वाली पीढ़ियों
को एक सही जीवन दर्शन बताने की ज़रुरत है और यह जीवन दर्शन सब को - जो अपने को
हिन्दू कहते हैं या जो अपने को मुसलमान समझते हैं एक स्वस्थ सोच प्रदान करेगा I
जीवन दर्शन की बुनियाद सत्य या यथार्थ पर होनी
चाहिए और इस दुनिया इस जीवन का सत्य या यथार्थ यह है कि न हम जानते हैं और न हम
जान सकते हैं कि इस दुनिया और इस जीवन के बाद कोई और दुनिया कोई और जीवन है कि
नहीं और इसी से जुड़ी सच्चाई यह है कि God ईश्वर ख़ुदा है कि नहीं यह भी न हम जानते
हैं और न जान सकते हैं I
वास्तव में जो हम जानते हैं और जान सकते हैं वह
केवल मानव ज्ञान और विज्ञान में निहित है
इसलिए ज़रूरी है कि हम मानव ज्ञान और विज्ञान के क्षेत्रों में आगे बढ़ें I
लेकिन हम चाहते हैं कि काश इस जीवन के बाद कोई
और जीवन हो जिसमें हम अपने प्रियजन जिनसे हम बिछड़ गए हैं फिर से मुलाक़ात हो और
इसकी उम्मीद रखना उपयुक्त है I
जीवन में ऐसे दुःख, भय और निराशा का दौर आता है
जिसके लिए यह उपयुक्त है कि हमें कुछ आस्था हो और अपने सुकून के लिए हम कुछ धर्म
को मानें I हर धर्म के चार अंग हैं - पूजा या नमाज़, व्रत या रोज़ा, तीर्थ या हज
जियारत और दान या ज़कात I
तो यह बिलकुल उपयुक्त है जो अपने को हिन्दू कहते
हैं या जो अपने को मुसलमान समझते हैं दूसरों में हस्तक्षेप किये बिना दूसरों को
डिस्टर्ब किये बिना अपने अपने धर्म का पालन करें लेकिन किसी व्यक्ति, वर्ग या
पुस्तक का अंधानुसरण न करें क्योंकि इस दुनिया और इस जीवन के परे कुछ है कि नहीं
यह न हम जानते हैं और न जान सकते हैं I
हम सब इंसान हैं और सब इंसानों के अपने मानव
अधिकार हैं जिनकी घोषणा 'यूनिवर्सल डिक्लेरेशन ऑफ़ ह्यूमन राइट्स 1948' में कर दी
गयी है अपने देश में प्रजातंत्र मज़बूत करते हुए इसी घोषणा पत्र को सही अर्थों में
लागो कराएं I
विज्ञान द्वारा दिए गए सत्य को आत्मसात करें :
इस सृष्टि का आरंभ 13.5 अरब वर्ष पूर्व बिग बैंग
से हुआ था
सौर मंडल और पृथ्वी का जन्म 6 अरब वर्ष पूर्व
हुआ था
धरती पर 3 लाख पूर्व के नारी कंकाल
"लूसी" से हम सब जेनेटिक लिंक्ड हैं
आधुनिक मानव 2 लाख पूर्व विकसित हुआ
10000 वर्ष पूर्व से सभ्यता का विकास आरम्भ हुआ I
ASTHA -
Association of Social Thinkers and Activists - आप manesiro@gmail.com पर ई मेल
करें - आपको सामाजिक पुनर्निर्माण Year Book 2018 का ड्राफ्ट प्रेषित किया जाएगा -
आप अपने बहुमूल्य विचार इसमें अंत में अंकित कर मुझे पुनर्प्रेषित करें - सभी के
विचार संकलित कर के वर्ष 2018 जनवरी मास
के अंत तक इस पुस्तक को प्रकाशित किया जाएगा I इस प्रकार वर्ष प्रति वर्ष यह क्रम
चलता रहेगा I
ASTHA एक
ऑनलाइन संगठन है जो नि:शुल्क है और कभी
कोई फीस नहीं लेगा - सिर्फ सत्य और ज्ञान की शक्ति से आम नागरिकों को जागृत कर के
देश और दुनिया बदल देगा - आप केवल ईमेल द्वारा जुड़े रहें और अपनों को जोड़ें I इन विचारों
को समझें और आगे बढ़ाएं - इन पोस्टों को
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