भारत में वर्तमान अशांति का कारण , इतिहास और निवारण
भारत में वर्तमान अशांति का कारण , इतिहास और
निवारण
मेरा जन्म वर्ष 1950 में हुआ था और मैं कह सकता
हूँ कि वर्ष 1960 से मैं हालात को समझने लगा था तो जो मैंने जाना समझा है वह लिख
रहा हूँ :
शुरू में सभी लोग एक साधारण आम ज़िन्दगी जीते थे
- मुसलामानों में शिक्षा की कमी थी और वे छोटे मोटे कारीगर के रूप में
जीविकोपार्जन करते थे I उस समय यह कहना कठिन है कि जानबूझ कर मुसलामानों को शिक्षा
और रोज़गार से वंचित रखा गया या वे स्वयम अपने निकम्मेपन और धर्मान्धता के कारण
पिछड़े हुए थे - मैं दूसरी बात को अधिक सही मानता हूँ I
इसके बाद मिडिल ईस्ट में रोज़गार के अवसर सामने
आये और अनेक मुस्लिम परिवारों से एक एक लड़का वहाँ गया और उसके बाद मुसलामानों की
आर्थिक स्थिति बहतर हुयी - मकान नए हालत में हो गए , लड़कियों की शादियाँ हो गयीं
और घरों में रेडियो आदि आ गए I
लेकिन इसी बीच मुस्लिम देशों से मौलवियों मदरसों
को पैसा मिलने लगा - मस्जिदें बनने लगीं , मीनारें ऊंची होती गयीं , लाउडस्पीकर
लगते गए और अरबों की स्टाइल में ज़बानें टेढ़ी कर के अज़ानें होने लगीं I दाढ़ी बढाए
युवक गाँव गाँव तबलीग़ के लिए जाने लगे और उनका मुख्य ध्येय सुन्नी मुसलामानों को
मुहर्रम अज़ादारी से अलग करना था I
उधर टी०वी० आ गया और उस पर हज में लाखों मुसलमान
एक साथ उठते बैठते दिखाई दिए I
इन सब से जो हिन्दुओं में एक अल्पसंख्यक कट्टर
तबका था उसे स्वाभाविक रूप से असुरक्षा महसूस हुयी I हो सकता है मुसलामानों की तरफ
से दलितों को मुसलमान बनाने की भी कोशिश हुयी हो I
मुझे लगता है इन्हीं सब बातों के कारण मेरठ
हशिमपुरा नरसंहार हुआ था I
शाहबानो केस में सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम
तलाकशुदा औरत को खर्चा देने का आदेश दिया तो मौलवियों ने इसे शरियत में हस्तक्षेप
करके बहुत हंगामा किया और राजीव गाँधी सरकार को मुस्लिम मांगों के कारण
पार्लियामेंट में बिल पास कराना पड़ा I
लेकिन राजीव गाँधी और उनके जैसे लोगों के लिए
देश और देशवासी शायद शतरंज की बिसात से अधिक नहीं थे I
इस बात से शिक्षित हिन्दू मुसलामानों के
कट्टरवाद और कांग्रेस के घुटने टेकने के कारण संघी भाजपाई होना शुरू हो गया I
राजीवगांधी ने शतरंज की दूसरी चाल यह चली कि बाबरी
मस्जिद का ताला खुलवाने में अरुण नेहरु और निर्मल खत्री की मदद से श्रीवास्तव जिला
जज से आदेश करवा लिया I
राजीव गाँधी ने प्राइवेट वार्ता में कहा कि " यह मुसलामानों को शाहबानो केस का
जवाब है "
राम मंदिर निर्माण का शिलान्यास कराया और
मुसलामानों के विरोध से आम हिन्दू भी संघी भाजपाई हो गया - 'मुसलामानों का मक्का
मदीना है और वे चाहते हैं हिन्दू अपने देश में
अपने भगवान् राम की भी पूजा न कर सकें ?'
आज जो मुसलामानों से जितनी अधिक दुश्मनी
प्रदर्शित करेगा आम हिन्दू उसी को विजयी बनाएगा और नतीजा सामने है I
उधर कॉर्पोरेट जगत को भाजपा सरकार पूरा फायदा
पहुंचा रही है आम आदमी का नुकसान हो रहा है पर शिक्षित हिन्दू भी जागने को तैयार
नहीं है - जो जहां है मीडिया , कोर्ट या इलेक्शन कमीशन भाजपा को ही सपोर्ट कर रहा
है I
वास्तव में कोई और विकल्प है ही नहीं !
जब तक मुसलामानों का कट्टरवाद ख़त्म नहीं होगा तब
तक हिन्दू भाजपा का साथ देगा और कॉर्पोरेट जगत आम आदमी का शोषण करता रहेगा I
एक रास्ता था कि दलित और पिछड़ा वर्ग अपनी पहचान
बनाए और सत्ता में आये पर उनका नेतृत्व 'भ्रष्टाचार' के रास्ते चल पड़ा और बाक़ी कसर
'ई०वी०एम० धांधली से पूरी हो गयी I और यह भी कोई मानवतावादी हल नहीं है कि देश में
जातिवाद फैलाया जाए I
सिर्फ एक रास्ता है कि मुसलामानों के कट्टरवाद
और हिन्दुओं की साम्प्रदायिकता को सत्य द्वारा हराया जाए जो मैं लिख रहा हूँ :
1 पहली बात है विज्ञान के सत्य को आत्मसात करें
:
सत्य क्या है ?इस सृष्टि का आरंभ 13.5 अरब वर्ष
पूर्व बिग बैंग से हुआ था
सौर मंडल और पृथ्वी का जन्म 6 अरब वर्ष पूर्व
हुआ था
धरती पर 3 लाख पूर्व के नारी कंकाल
"लूसी" से हम सब जेनेटिक लिंक्ड हैं
आधुनिक मानव 2 लाख पूर्व विकसित हुआ
10000 वर्ष पूर्व से सभ्यता का विकास हुआ और
कृषि आरम्भ हुयी I
2 हम इंसानों को अपने सुकून के लिए कुछ आस्था
चाहिए और कुछ धर्म कर्म चाहिए इसलिए अपने अपने ढंग से पूजा व्रत तीर्थ और दान करना
चाहिए और हर एक को हक है अपने हिसाब से ऐसा करने का I
3 आधुनिक शिक्षित वर्ग के लोगों को अपना एक
संगठन बनाना चाहिए I इसके लिए ज़रूरी है कि आधुनिक शिक्षित वर्ग स्वयम को अवैध धन
और अवैध यौन से बचाए - ड्रग्स और पोर्नो का इस्तेमाल न करे और बहतर है शराब भी न
पिए क्योंकि शराब पीने वालों को कीमती नायाब विदेशी शराब का तोहफा दे कर आसानी से
मित्र बनाया जा सकता है और फिर गिरावट का सिलसिला शुरू हो जाता है I
4 सत्ता में आने के बाद सभी अपराधी
राजनीतिज्ञों, अधिकारियों, जजों , धर्म गुरुओं , अध्यात्मिक गुरुओं , मीडिया के
लोगों और हर वर्ग के अपराधियों को बिना पक्षपात के जेल में डाला जाए और दण्डित
किया जाए I
ASTHA -
Association of Social Thinkers and Activists - आप manesiro@gmail.com पर ई मेल
करें - आपको सामाजिक पुनर्निर्माण Year Book 2018 का ड्राफ्ट प्रेषित किया जाएगा -
आप अपने बहुमूल्य विचार इसमें अंत में अंकित कर मुझे पुनर्प्रेषित करें - सभी के
विचार संकलित कर के वर्ष 2018 जनवरी मास
के अंत तक इस पुस्तक को प्रकाशित किया जाएगा I इस प्रकार वर्ष प्रति वर्ष यह क्रम
चलता रहेगा I
ASTHA एक
ऑनलाइन संगठन है जो नि:शुल्क है और कभी
कोई फीस नहीं लेगा - सिर्फ सत्य और ज्ञान की शक्ति से आम नागरिकों को जागृत कर के
देश और दुनिया बदल देगा - आप केवल ईमेल द्वारा जुड़े रहें और अपनों को जोड़ें I इन विचारों
को समझें और आगे बढ़ाएं - इन पोस्टों को
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