दुनिया भर में अशांति के लिए ज़िम्मेदार : आधुनिक शिक्षित मुसलमान
दुनिया भर में अशांति के लिए ज़िम्मेदार : आधुनिक
शिक्षित मुसलमान
आधुनिक शिक्षित मुसलमान विज्ञान के सत्य से
गद्दारी कर के अपनी गलत धारणाओं के धर्म को ले कर पूरी दुनिया और इंसानियत के
खिलाफ खड़े हैं I सुन्नी वहाबी मुसलमान इतने कम अक्ल हैं कि सोचते हैं जिहाद कर के
अपने इस्लाम को दुनिया पर विजयी बना सकते हैं - अमेरिका यूरोप द्वारा खोजे गए
निकाले गए तेल को बेच कर उनसे ही उनके द्वारा बनाए गए हथियार खरीद कर उन्हें ही
हरा लेंगे !
सऊदी अरब , इराक और सीरिया ऐसे देश और पाकिस्तान
क्या दुनिया जीत सकते हैं ? तो यह बे अक्ल
सोचते हैं कि देशों से मुक्त एक सेना बना कर जैसे कि दायश द्वारा वे विजयी हो सकते
हैं और इसी धोखे में भारत के अति शिक्षित सुन्नी मुस्लिम युवा आतंकी गुटों में
शामिल हो रहे हैं I
दूसरी और शिया शिक्षित मुस्लिम हैं जो आधुनिक
ज्ञान से मुंह मोड़ कर अपने मौलानाओं द्वारा पढ़ी दुआओं पर आमीन आमीन बोलते हैं - या
अल्लाह जो बीमार हैं उन्हें शिफा दे , या अल्लाह जो बे औलाद हैं उन्हें औलाद दे ,
जो मक़रूज़ हैं उनका क़र्ज़ अदा कर ----- मेहदी अ०स० के जुहूर में जल्दी फरमा I इमाम
मेहदी अ० स० जब आयेंगे तो जालिमों के खिलाफ जंग करेंगे और दुनिया को इन्साफ से भर
देंगे I
सुन्नी वहाबी मुसलमान जहां दुनिया भर में ज़ुल्म
कर रहे हैं और इसी को जिहाद समझ रहे हैं शिया मुसलमान सिर्फ बे अमल हो कर इंतज़ार
कर रहे हैं I
सत्य क्या है ?
इस सृष्टि का आरंभ 13.5 अरब वर्ष पूर्व बिग बैंग
से हुआ था
सौर मंडल और पृथ्वी का जन्म 6 अरब वर्ष पूर्व
हुआ था
धरती पर 3 लाख पूर्व के नारी कंकाल से हम सब
जेनेटिक लिंक्ड हैं
आधुनिक मानव 2 लाख पूर्व विकसित हुआ
10000 वर्ष पूर्व से सभ्यता का विकास हुआ और
कृषि आरम्भ हुयी I
हर जीवित कोशिका में ही अल्लाह का कलाम है -
जिसे जेनेटिक कोड कहते हैं
हम इंसानों को अपने सुकून के लिए कुछ आस्था
चाहिए और कुछ धर्म कर्म चाहिए इसलिए अपने अपने ढंग से पूजा व्रत तीर्थ और दान करना
चाहिए और हर एक को हक है अपने हिसाब से ऐसा करने का I
मानव समाज में जिनके पास सत्ता और धन आ जाता है
वे ज़ुल्म और जुर्म करने लगते हैं इनके खिलाफ जागने और खड़े होने की ज़रुरत है - धर्म
के आधार पर कोई देश नहीं चलाया जा सकता I
दुनिया भर में यूनिवर्सल डिक्लेरेशन ओद ह्यूमन
राइट्स 1948 पूरी तरह से लागू होना चाहिए
चाहे किसी मुल्क में 100 प्रतिशत मुसलमान हों या
बहुसंख्यक हों या अल्प संख्यंक हों ज़ुल्म और जुर्म के खिलाफ उन्हें खड़ा होना चाहिए
यही सही रास्ता है I
ASTHA -
Association of Social Thinkers and Activists - आप manesiro@gmail.com पर ई मेल
करें - आपको सामाजिक पुनर्निर्माण Year Book 2017 का ड्राफ्ट प्रेषित किया जाएगा -
आप अपने बहुमूल्य विचार इसमें अंत में अंकित कर मुझे पुनर्प्रेषित करें - सभी के
विचार संकलित कर के वर्ष 2018 मार्च में
इस पुस्तक को प्रकाशित किया जाएगा I इस प्रकार वर्ष प्रति वर्ष यह क्रम चलता रहेगा
I
ASTHA एक
ऑनलाइन संगठन है जो नि:शुल्क है और कभी
कोई फीस नहीं लेगा - सिर्फ सत्य और ज्ञान की शक्ति से आम नागरिकों को जागृत कर के
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को समझें और आगे बढ़ाएं - इन पोस्टों को
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