भारत में अशांति का ज़िम्मेदार आधुनिक शिक्षित वर्ग !



भारत में अशांति का ज़िम्मेदार आधुनिक शिक्षित वर्ग !
भारत के आधुनिक शिक्षित हिन्दू और मुस्लिम लोग जो आधुनिक ज्ञान और विज्ञान जानते समझते हुए उससे गद्दारी कर रहे हैं वही लोग देश में कट्टरवाद और जातिवाद और हिंसा के ज़िम्मेदार हैं  I
आधुनिक विज्ञान ' आसमान छत और ज़मीन फर्श ' की धारणा का खंडन करता है और अरबों गैलेक्सीयां जो दूर दूर अति वेग - प्रकाश के वेग के करीब वेग - से भाग रही हैं और हर गैलेक्सी में अरबों तारे हैं और मिल्की वे गैलेक्सी में सूर्य एक तारा है जो केंद्र से दूर एक तरफ है और हमारी धरती इस सूर्य का एक ग्रह है और सूर्य का चक्कर लगा रही है I अभी तक सिर्फ धरती पर ही जीवन ज्ञात है और हम विकास के बाद लगभग दो लाख वर्ष पूर्व धरती पर हमारी प्रजाति विकसित हुयी थी और भाषा का विकास कर के अपने ज्ञान को बढ़ा कर बस लगभग 5000 वर्षों में हमारी सभ्यता का विकास हुआ और उसी के बाद धर्म भी विकसित हुए I
यह है आधुनिक ज्ञान की रूपरेखा - यह सच है कि हमें इस अज्ञात विश्व में जीवन जीने भय और दुःख से मुक्त रहने के लिए शायद कुछ आस्था और धर्म की ज़रुरत है I
धर्म के चार अंग हैं - पूजा/प्रार्थना , व्रत , तीर्थ और दान - तो इसमें कुछ गलत नहीं हैं कि शिक्षित हिन्दू और मुस्लिम अपनी अपनी आस्था के साथ अपना धर्म दूसरों को डिस्टर्ब किये बिना शांतिपूर्ण ढंग से मानें पर दोनों के लिए ज़रूरी है इन बातों को एक दूसरे का व्यक्तिगत मामला मानें और दुनिया में साइंस, टेक्नोलॉजी, लिटरेचर आर्ट स्पोर्ट्स आदि क्षेत्रों में आगे बढ़ें और एक ऐसा देश बनायें जहां हर बच्चा अपनी रूचि और योग्यता के क्षेत्र में निर्बाध बढ़ सके और युवा अपनी पसंद और आपसी रज़ामंदी से अपना जीवन साथी चुन सकें !  
इस सीधे रास्ते के बजाये शिक्षित मुस्लिम कट्टरवाद और आतंकवाद की ओर जा रहे हैं , शिक्षित हिन्दू संघ बना कर नफरत फैला रहे हैं और वास्तव में जातिवाद बनाए रखना चाहते हैं और पिछड़ी जातियों के लोग भी जातिवाद का लाभ ले कर सत्ता में आना चाह रहे हैं और जब जब सत्ता में आये तो भ्रष्टाचार द्वारा धन कमाने में लग गए I
सीधा रास्ता यही है कि हम सब इंसान   एक मानव जाति के सदस्य हैं और हमें चाहिए     एक ऐसा देश बनायें जहां हर बच्चा अपनी रूचि और योग्यता के क्षेत्र में निर्बाध बढ़ सके और युवा अपनी पसंद और आपसी रज़ामंदी से अपना जीवन साथी चुन सकें !                                                 
ASTHA - Association of Social Thinkers and Activists - आप manesiro@gmail.com पर ई मेल करें - आपको सामाजिक पुनर्निर्माण Year Book 2017 का ड्राफ्ट प्रेषित किया जाएगा - आप अपने बहुमूल्य विचार इसमें अंत में अंकित कर मुझे पुनर्प्रेषित करें - सभी के विचार संकलित कर के  वर्ष 2018 मार्च में इस पुस्तक को प्रकाशित किया जाएगा I इस प्रकार वर्ष प्रति वर्ष यह क्रम चलता रहेगा I
ASTHA एक ऑनलाइन संगठन है जो नि:शुल्क  है और कभी कोई फीस नहीं लेगा - सिर्फ सत्य और ज्ञान की शक्ति से आम नागरिकों को जागृत कर के देश और दुनिया बदल देगा - आप केवल ईमेल द्वारा जुड़े रहें और अपनों को जोड़ें I इन विचारों को समझें  और आगे बढ़ाएं - इन पोस्टों को शेयर करें I

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