हम सब एक प्रजाति Homo sapiens



वर्ष 2018 आने को है - 21वीं शताब्दी का प्रथम चतुर्थांश - अब तो धर्म और जाति के झूठ का त्याग करिए - सत्य को अंगीकार कीजिये - हम सब एक प्रजाति Homo sapiens के सदस्य हैं - हम ने अपने हज़ारों वर्षों के इतिहास में जंगल छोड़ा - खाना बदोश हुए - गाँव बसाए नगर बसाए - राज्य साम्राज्य और अब राष्ट्र युग है I
हम ने अपनी सारी शक्ति शासन में निहित कर दी और शासन के तीन अंग बनाए - विधायिका , कार्य पालिका और न्याय पालिका I सत्ता का उपयोग सब के कल्याण में न कर के कुछ लोग जो इन पदों पर पहुंचे उन्होंने सत्ता का दुरूपयोग किया और स्वयं और अपनों को करोड़पति अरबपति खरबपति बना दिया I यह लोग अपराधी हैं - वास्तव में चोर हैं ! इन्हीं के कारण दुनिया में सारी खराबियां हैं I
अगर हम शिक्षित लोग एक मज़बूत संगठन बना लेंगे तो इन चोरों को बेनकाब भी कर सकेंगे और दण्डित भी कर सकेंगे और विधायिका कार्यपालिका और न्यायपालिका की मर्यादा बहाल कर सकेंगे और आज के युग की समस्याओं - प्रदूषण , नारकोटिक्स , मानव तस्करी , आतंकवाद आदि पर काबू भी पा सकेंगे I
हम  सभी शिक्षित स्त्री पुरुष एक मज़बूत संगठन बनाएं - मैंने इसका नाम सोचा है ASTHA - Association of Social Thinkers and Activists - आप manesiro@gmail.com पर ई मेल करें - आपको सामाजिक पुनर्निर्माण Year Book 2017 का ड्राफ्ट प्रेषित किया जाएगा - आप अपने बहुमूल्य विचार इसमें अंत में अंकित कर मुझे पुनर्प्रेषित करें - सभी के विचार संकलित कर क्र वर्ष 2018 मार्च में इस पुस्तक को प्रकाशित किया जाएगा I

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